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» »Unlabelled » राफेल सौदे की आवश्यकता

दुःख होता है ये जानकर की अपने लोगों की नासमझी व् नादानी के कारण विदेशी आक्रांता यहां पर राज करते रहे तथाकथित देश के विरोधी अपने ही लोगों से खिलवाड़ करते रहे और देश की मासूम और असहाय जनता उनको अपना मसीहा मानती रही।ये सिलसिला आज भी जारी है  फूट डालो और शासन करो की नीति ने देश के विकास को बाधित किया है।राफेल डील को रद्द करने की पूरी कोशिश हो रही है ताकि देश की सेना को मज़बूती न मिल पाये,जो कार्य पाकिस्तान नहीं कर पा रहा है वह कार्य देश के राजनीतिक दल कर रहे है।जितना पैसा नेताओं ने भ्र्ष्टाचार करके खाया है राफेल डील तो उसका .1% भी नहीं है।राफेल जैसे अतिआधुनिक विमान के साथ साथ अन्य अस्त्र शस्त्र से हमारी सेनाएं शीघ्र ही सुसज्जित होनी चाहिए।देश तब तक ताकतवर नहीं बन सकता जब तक उसकी सीमाएं सुरक्षित न हो।राफेल डील को रद्द करने जो प्रयास हो रहे है वो देश के लिए खतरनाक व् आत्मघाती है।सामरिक सौदे के विरोधी सभी दलों को देश की जनता को रिजेक्ट कर देना चाहिए यही देश हित में होगा।मोदी जी भारतमाता के वो सपूत है जो कभी दलाली नहीं खा सकता।बाकि किसी न किसी कंपनी ने कॉन्ट्रैक्ट लेना ही था।ऐसा कदापि सम्भव नहीं की मोदी जी 526 करोड़ की चीज 1600 करोड़ में खरीदेंगे।इतना तो मोदी को जाननेवाला कोई नासमझ भी कह सकता है।किसी भी हालत में मोदी जी को इन सामरिक सौदों को  करने में देरी नहीं करनी चाहिए,भारत की जनता अब केवल उसको स्वीकार करेगी जो ज़मीन पर कुछ करके दिखायेगा न की विरोध ही करता रहेगा।

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