'हिमधारा' हिमाचल प्रदेश के शौकिया और अव्‍यवसायिक ब्‍लोगर्स का मंच

प्रदीप जिलवाने

23.11.120 पाठकों के सुझाव और विचार


अपना कविता संग्रह शीघ्र ही आपको भेजूंगा. 
बहरहाल सुविधा एवं सुलभ संदर्भ हेतु अपना संक्षिप्त परिचय आपको इस मेल से भेज रहा हूं. 




प्रदीप जिलवाने
जन्म-         01 जुलाई 1978, खरगोन (म.प्र.) में।

षिक्षा-         एम.ए. हिन्दी साहित्य (विष्वविद्यालय की प्रावीण्य सूची में
स्थान), पी.जी.डी.सी.ए.।

सम्प्रति - म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में कार्यरत।

प्रकाषन-  हिन्दी साहित्य की सभी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाषित। पहला कविता संग्रह जहाँ भी जरा-सी सम्भावनाभारतीय ज्ञानपीठ से इसी वर्ष (2012) में प्रकाषित। इसी संग्रह की पाण्डुलिपि पर भारतीय ज्ञानपीठ का नवलेखन पुरस्कार प्राप्त।
कविताओं के साथ कहानी में भी समानान्तर लेखन। अभी तक छः कहानियाँ हिन्दी की श्रेष्ठ पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाषित और एक कहानी पुरस्कृत। रचनाओं के मराठी, तेलुगु, असमिया आदि भारतीय भाषाओं में अनुवाद प्रकाषित।
स्थानीय और लोकप्रिय समाचार-पत्रों में सांस्कृतिक एवं समसामयिक विषयों पर आलेख प्रकाषित। ब्लाॅग लेखन में भी सक्रिय।
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