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कैहं नी लगांदे

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कैहं नी लगांदे 

लाड़ी ग्लांदी चला वो सारे गंगा नौहई औईए
सारे मिलिके पापी महापापी रावणे जो फूकी औईए
देया करड़ा है मरदा नी मड़ा हर साल जन्म लेई लैंदा
साड़े गरीब मुल्खे दा करोडाँ दा खर्चा कराई दिंदा
असां भी पागल चलेयो रैहंदे तिस्जो ईयाँ ही फूकणा
कंगाल होई जाणा असां सारेयां ताँ तिस्दा क्या मुक़णा 
जितणा पैसा असां रावणे दे पुतले बनाणे यो लगांदे
तिस पैसे यो बचाईके विकासे दे कम्में च कैहं नी लगांदे 

दीपक कुल्लुवी 
9-10-2012
9350078399

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