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कांगड़ी गीत *****छड्डी दे*****

26.10.120 पाठकों के सुझाव और विचार


कांगड़ी गीत 
छड्डी दे

छड्डी दे शराब एह शराब है ख़राब-2
आजकल दे छोरु नी सुणदे करदे जिंद बर्वाद
छड्डी दे शराब एह श-------------------
(1) म्हारा म्हाचल प्यारा,प्यारे लोक,प्यारी बोलियाँ-2
प्यारी प्यारी म्हाचले दी गोरी चिट्टी छोरियां-2
सादगी म्हाचले दी दुनियाँ करदी याद
छड्डी दे शराब एह श-------------------
(2) उच्चे उच्चे पहाड़ ठंडी वर्फीली चोटियाँ-2
सरुएँ दा साग कन्ने छाल्लिये  दी रोटियां-2
सच दस्सां ओ-लोको बड़ा लगदा सुआद
छड्डी दे शराब एह श-------------------
(3) नशेयां तां किच्छ नी देणा सब किच्छ खोई लैणा-२
 अपणेयां प्यारेयाँ ते बड़ी दूर करी देणा-2
दीपक 'कुल्लुवी' सच ग्लान्दा रखी लैणा याद  
छड्डी दे शराब एह श-------------------

दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
09350078399
26 -10 -2012

बिशेष :- म्हारे प्यारे म्हाचले जो नशेयां दी नज़र लगी चुक्कियो I म्हाचले च नासा  इक फैसन ही होई गेया  जिथू  दिक्खा निक्के निक्के स्कूल कालजे दे मुन्नूं भी लुगड़ी,सराब,भंग चरस दे शिकार होआ करदे कन्ने अपनी जिंदगी बर्वाद करा करदे I सारे मिली जुली इन्हां यो समझा,ठीक रस्ता दखा I वर्ना नसल वर्वाद हुंदे देर नी लगणी I
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