'हिमधारा' हिमाचल प्रदेश के शौकिया और अव्‍यवसायिक ब्‍लोगर्स का मंच

ऐतवार

31.8.120 पाठकों के सुझाव और विचार

ऐतवार

बेगुनाही का सबूत हमसे न मांगो यारो

हमने तो चाहा,खता इतनी सी थी मेरी
हम तो ग़म के प्याले भी हँसके पीते रहे
उनको ऐतवार न था,गलती थी क्या मेरी


दीपक कुल्लुवी


اتوار


بیگناہی کا ثبوت ہمسے نہ مانگو یارو
ہمنے تو چاہا ، کھاتا اتنی سی تھی میری
ہم تو غم کے پیالے بھی ہنسکے پیتے رہے
انکو اتوار نہ تھا،گلتی تھی کیا میری


دیپک کلّوی

٣١ اگست ٢٠١٢
Share this article :

एक टिप्पणी भेजें

हिमधारा हिमाचल प्रदेश के शौकिया और अव्‍यवसायिक ब्‍लोगर्स की अभिव्‍याक्ति का मंच है।
हिमधारा के पाठक और टिप्पणीकार के रुप में आपका स्वागत है! आपके सुझावों से हमें प्रोत्साहन मिलता है कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का प्रयॊग न करें।
हिमधारा में प्रकाशित होने वाली खबरों से हिमधारा का सहमत होना अनिवार्य नहीं है, न ही किसी खबर की जिम्मेदारी लेने के लिए बाध्य हैं।

Materials posted in Himdhara are not moderated, HIMDHARA is not responsible for the views, opinions and content posted by the conrtibutors and readers.