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आखिर

कभी फुर्सत में चले आना,हँस के जी लेंगे
ज़िक्र उनका न करेंगे होंठ सी लेंगे
दिल तो आखिर दिल है उदास भी हो सकता है
दर्द गर बढ़ भी गया दिल का,जाम पी लेंगे

दीपक 'कुल्लुवी'
31 अगस्त 2012

آخر
کبھی فرسٹ میں چلے آنا ، ہنس کے جی لینگے
ذکر انکا نہ کرینگے ہونٹھ سی لینگے
دل تو آخر دل ہے اسد بھی ہو سکتا ہے
درد گر بڑھ بھی گیا دل کا جام پی لینگے

دیپک کلّوی
٣١-٠٨-٢٠١٢


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