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जलवा

तेरे रुखसार का जलवा
नज़र आता है धुँधला सा
अगर तुम सामने होते
क़यामत न आ जाती

दीपक कुल्लुवी
३१/८/१२.
جلوہ

تیرے رخسار کا جلوہ
نظر آتا ہے دھندھلا سا
اگر تم سامنے ہوتے
کیامت نہ آ جاتی


دیپک کلّوی

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