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मैहँगा पट्रोल*** दीपक 'कुल्लुवी'

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चल पुत्रा चल कड्ड साईकल
पट्रोल होई गया मैहँगा
जितणे च औणा इक लीटर
तितणे च आई जाणा लैहँगा
मैं चलांगा तू अग्गे बैठ
पीछे बैठगी तेरी अम्मा
बदली बदली करी चलांगे सारे
सफ़र बड़ा है लम्मा
खुरक़ पेयी जाए सरकारे यो
बेडा करी दित्ता गर्क
मंगयाई करी दित्ती हर चीजा पर
जीवन बणायी दित्ता नर्क
कारा च मोटे ताले लाई लै
स्कूटर कबाड़ीए दिया दुकाना पौहंचाई दे
क्या जीणा क्या मरणा ओ पुत्रा
रेया कोई न फर्क

दीपक 'कुल्लुवी'
9350078399



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