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चुन्नी तिलेदार

24.3.120 पाठकों के सुझाव और विचार

दूसरे नवरात्रे के पावन पर्व पर मेरे नए भजन के साथ आप सबको मुबारकबाद

चुन्नी तिलेदार

आँवा मैं तेरे दरवार दातिए
चुन्नी मैं चढ़ावाँ तिल्लेदार दातिए
--आँवा मैं तेरे दरवा-------------
(1 )किसे दे हत्थां च माए फुल्लां दा हार ए
चोला किसे हत्थ किसे दे श्रृंगार ए
करदी सदा तू स्वीकार दातिए
चुन्नी मैं चढ़ावाँ तिल्लेदार दातिए
आँवा मैं तेरे दरवा-------------
(2 ) अपणे तौं माए दूर करीं न
भूल कोई हो जाए माफ़ करीं माँ
तू है बड़ी दिलदार दातिए
चुन्नी मैं चढ़ावाँ तिल्लेदार दातिए
आँवा मैं तेरे दरवा-------------
(3 ) मैं 'दीपक' माए जलदा रहाँ मैं
दुनीयाँ नूँ रौशन करदा रहाँ मैं
करदी रहीं तू उपकार दातिए
चुन्नी मैं चढ़ावाँ तिल्लेदार दातिए
आँवा मैं तेरे दरवा-------------
(4 ) सारा जग माए तेरा दीवाना
दीपक'कुल्लुवी' नूँ तेरा सहारा
मिलदा रहे हर बार दातिए
चुन्नी मैं चढ़ावाँ तिल्लेदार दातिए
आँवा मैं तेरे दरवा-------------

दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
9350078399
24 /3 /12 .
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