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भजन से पहले

18.2.122पाठकों के सुझाव और विचार


भजन से पहले

कर्म कुछ ऐसे थे अपनें
न मौत आयी न चैन आया
न हमको घर ही मिला दाता
तेरा दर भी था ठुकराया
तू मूरत है मुहब्बत की
तेरा कोई नहीं सानी
रहम दिल है बड़ा ही तू
सदा करता मेहरबानी
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तू कर इतना रहम हमपे
तेरे दर से न जाएँ हम
रोटी मिले मिले न मिले
तेरा प्रसाद खाएं हम
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दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
18 /02 /12 .

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