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अंदाज़

वोह आए और चले गए
हम दूर तक उनको निहारते रहे
हम शीशा पकड़ कर खड़े रहे
वो वाल अपने संवारते रहे
उनके हुस्न-ओ-जलाल का
अंदाज़ था निराला
हम तो थक गए यारो पर वो
सर से जुएँ निकालते रहे

दीपक शर्मा कुल्लुवी
09350078399
१०-०२-२०१२.

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