sponsor

sponsor

Slider

समाचार

साहित्‍य

धर्म और संस्‍कृति

स्‍वास्‍थ्‍य

इतिहास

खेल

विडियो


हर कदम पर नया है,जिसमे चलना मुश्किल सा है 
परछाईयों के सहारे चलना है,एक नया सा प्रतिबिम्ब है 

हर  समय कुछ नया सा लगता है, हर  कदम एक नया सामना है 
कभी  मन चंचल हो जाता है, कभी कदम रुक से जाते हैं 

दिशा  यूँ ही  हट सा  जाता है, सोच  समझकर
भी आदमी अपने नया  कदम नहीं बढ़ा पाता है ।

«
Next
नई पोस्ट
»
Previous
पुरानी पोस्ट

कोई टिप्पणी नहीं:

Leave a Reply

हिमधारा हिमाचल प्रदेश के शौकिया और अव्‍यवसायिक ब्‍लोगर्स की अभिव्‍याक्ति का मंच है।
हिमधारा के पाठक और टिप्पणीकार के रुप में आपका स्वागत है! आपके सुझावों से हमें प्रोत्साहन मिलता है कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का प्रयॊग न करें।
हिमधारा में प्रकाशित होने वाली खबरों से हिमधारा का सहमत होना अनिवार्य नहीं है, न ही किसी खबर की जिम्मेदारी लेने के लिए बाध्य हैं।

Materials posted in Himdhara are not moderated, HIMDHARA is not responsible for the views, opinions and content posted by the conrtibutors and readers.