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बदलाब

दुनियाँ को न बदल सका
तो खुद को बदल लिया
मेरा चैन-ओ-सकूँ मुझे
खुद बापिस मिल गया
जिस बात पे सब रोते चिल्लाते
हम रहते खामोश
हमने तो हर ग़म को अपना
हमदम बना लिया
दीपक शर्मा कुल्लुवी
9350078399
०५.११.11

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