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साथ रहकर भी दूर हैं हम,
उनकी मजबूरियों के कारण मजबूर हैं हम;
उनकी चाहतो  को पूरा करूँ मैं हरदम,
पर बताते भी तो हैं वो मुझको कम;
कारण ये नहीं की जुदा हैं हम उनसे,
कारण तो ये है कि डरते है हम जगसे;
जग में कहीं उनकी जग हंसाई न हो जाये,
कहीं कोई हमसे बेबफाई न हो जाये;
इसलिए दूर रहकर बस दीदार उनका करता हूँ,
अपने अश्क को पीकर भी खुश रहता हूँ;
जालिम दुनिया से बचकर प्यार भी करते हैं हम,
मगर छुपकर मगर छुपकर मगर छुपकर;

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