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हाइकू -- -- अनंत आलोक

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अनंत आलोक  हि‍मधारा के नए सदस्‍य है । उन्‍होने हाइकू भेजे है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला से है और शिक्षा से जुड़े है। साहित्‍य आपकी विशेष रूचि है। आपका हिमधारा में स्‍वागत है।
हाइकू  

आया सावन
नदी , नाले जवान
केंचुए उगे |
भरी जवानी
सावन बरसता
पिया से दूरी |
नदी का शौर
मुरली मनोहर
झूमता मोर |
श्याम जलध
नदियाँ उफनती
धारा गगन |
साजन दूर
पहला ये सावन
मैं मजबूर |
झरना जहर
दिन रात बहता
पानी ठेहरा |
मंहगे लेप
बदल न सकते
असली रंग |
किताबें ढेर 
पुस्तकालयों में है 
धूल खाने को |
जंगल जला
जलता जाये फिर
बारिश खाता |

१०
पोधे बहुत
आँगन फुलवारी
सजावट को |
११
निश्चित नहीं
लोटना तेरा अब
गया शहर |
१२
जायेगा कहाँ
रह्जयेगा यहीं
स्वर्ण खजाना |
१३
क्या करता है
कुछ तेरा न मेरा
नश्वर सब |
१४
न कर खेल
क्यों कब्र खोदे खुद
छेड़ प्रकृति |

१५
उजाड़े घर
हम जानवर हैं
मेहमां तेरे |
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