'हिमधारा' हिमाचल प्रदेश के शौकिया और अव्‍यवसायिक ब्‍लोगर्स का मंच

16.5.110 पाठकों के सुझाव और विचार

(''जयदेव विद्रोही'')
एक विद्रोही प्यारा सा -15
(स्वतंत्र लेखक,पत्रकार)

रिपोर्ट"दीपकशर्मा कुल्लुवी"जर्नलिस्ट

(जर्नलिस्ट टुडे नैटवर्क)





मुझमें और "विद्रोही" जी में एक बात सामान्य है हम दोनों समय के बहुत पावंद हैं यदि किसी को समय दिया है तो उससे एक मिनट पहले वेशक पहुँच जाये लेकिन देरी से नहीं पहुँच सकते I ऐसा करनें वालों पर गुस्सा भी बहुत आता है I जो व्यक्ति समय की कद्र नहीं कर सकता वह किसी की नहीं कर सकता I मुझे याद है जब मेरे ससुराल वाले रिश्ते के लिए हमारे घर आ रहे थे तो "विद्रोही" जी नें मेरी माँ और नानी जी से कहा मैनें "दीपक" के ससुराल वालों को शाम चार बजे तक का वक्त दिया है अगर वोह लोग समय पर नहीं पहुंचे तो मैं यह रिश्ता दूसरी जगह कर दूँगा I किस्मत से मेरे सास,ससुर चार बजे से कुछ देर पहले ही पधार गए वर्ना आज मेरी ज़िन्दगी में "कुमुद" की जगह कोई और होती I और एक बार उन्होनें कोई फैसला ले लिया फिर वह खुद की भी नहीं सुनते
वक्त ही वक्त
वक्त ही वक्त है जिनके पास
जीवन उनका है वीरान
खालीपन न डराता उनको
वोह भी करते कुछ तो काम
बेकार की बातें न करते
एक दूजे के कान न भरते
दिन भर यहाँ वहाँ बगलें न झांकते
समय का करते सम्मान
मेरे पास है वक्त की कमीं
बेकार का एक पल भी नहीं
छोड़ दो मुझको कुछ तो अकेला
करनें दो मुझे कुछ तो काम
आप भी समय को न व्यर्थ गवाओ
कभी किसी के काम तो आओ
कुछ भी करो पर करते जाओ
कर लो खुद पे ही एहसान
कर लो खुद पे ही एह----
दीपक शर्मा "कुल्लुवी"
9136211486
१३/०५/२०११.

Share this article :

एक टिप्पणी भेजें

हिमधारा हिमाचल प्रदेश के शौकिया और अव्‍यवसायिक ब्‍लोगर्स की अभिव्‍याक्ति का मंच है।
हिमधारा के पाठक और टिप्पणीकार के रुप में आपका स्वागत है! आपके सुझावों से हमें प्रोत्साहन मिलता है कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का प्रयॊग न करें।
हिमधारा में प्रकाशित होने वाली खबरों से हिमधारा का सहमत होना अनिवार्य नहीं है, न ही किसी खबर की जिम्मेदारी लेने के लिए बाध्य हैं।

Materials posted in Himdhara are not moderated, HIMDHARA is not responsible for the views, opinions and content posted by the conrtibutors and readers.