sponsor

sponsor

Slider

समाचार

साहित्‍य

धर्म और संस्‍कृति

स्‍वास्‍थ्‍य

इतिहास

खेल

विडियो

» » » » » तू अकेला है (दीपक शर्मा कुल्लुवी)


तू अकेला है

किस किस की खातिर तू रोता रहेगा
दिल में अपनें खंजर चुभोता रहेगा
यह दुनियां है धोखा इसमें ग़म है बहुत
कब तक तू ग़म सबके ढोता रहेगा
अकेला तो कुछ भी तू कर न सकेगा
जख्म सारी दुनियां के भर न सकेगा
तू शायर है दुष्टों को मारेगा कैसे
क़लम से तो क़त्ल कभी कर न सकेगा
छोड़ दे सबको अपनी किस्मत के सहारे
ला न पाएगा कश्ती तू सबकी किनारे
यहाँ चलता है फिरका परस्तों का ज़ोर
उनके ज़ुल्म-ओ-सितम से तू बच न सकेगा
इस कलयुग में शायद गलत आ गया
दुनियां का ही तुझको गम खा गया
अपनीं खातिर जिया जिएगा कभी
गैरों की खातिर लगता है मरेगा

दीपक शर्मा कुल्लुवी
09136211486




«
Next
नई पोस्ट
»
Previous
पुरानी पोस्ट

कोई टिप्पणी नहीं:

Leave a Reply

हिमधारा हिमाचल प्रदेश के शौकिया और अव्‍यवसायिक ब्‍लोगर्स की अभिव्‍याक्ति का मंच है।
हिमधारा के पाठक और टिप्पणीकार के रुप में आपका स्वागत है! आपके सुझावों से हमें प्रोत्साहन मिलता है कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का प्रयॊग न करें।
हिमधारा में प्रकाशित होने वाली खबरों से हिमधारा का सहमत होना अनिवार्य नहीं है, न ही किसी खबर की जिम्मेदारी लेने के लिए बाध्य हैं।

Materials posted in Himdhara are not moderated, HIMDHARA is not responsible for the views, opinions and content posted by the conrtibutors and readers.