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शान-ए-हिन्दोस्तान-2 (''जयदेव विद्रोही'') एक विद्रोही प्यारा सा -2

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शान--हिन्दोस्तान

(जयदेव "विद्रोही'')
एक विद्रोही प्यारा सा -2
(स्वतंत्र लेखक,पत्रकार)

रिपोर्ट"दीपकशर्मा कुल्लुवी"जर्नलिस्ट
(जर्नलिस्ट टुडे नैटवर्क)



"विद्रोही"जी से अच्छा सलाहकार और कोई नहीं हो सकता I जितना भी बड़ा कोई दुःख,गम हो मैनें कभी भी उन्हें विचलित होते नहीं देखा I शांति से समाधान करना उनकी एक अद्वभुत कला है I साहस, हौंसला उनके अस्त्र,शस्त्र हैं और निडरता ब्रह्मास्त्र I उनके हौंसलों की उड़ान को लगाम लगाना किसी के बस में नहीं है I जीवन के कठिन से कठिन समय में भी मैंने उन्हें कभी डगमगाते हुए नहीं देखा I सहजता से समाधान करना उन्हें आता है I

स्कूल ,कॉलिज के टूर पर जब कभी हम बाहर जाते थे तो माँ के सामनें जो पैसे हमें दिए वो तो दिए कुछ पैसे अलग से छुपाकर भी हमें दे देते थे और कहते थे अपनी माँ को मत बताना I वह नहीं चाहते थे की टूर में हमें पैसे की वजह से कोई दिक्कत य कमीं हो और हम टूर का भरपूर आनंद न उठा पाएं I
कुछ भी हो जाए कलम उनके हाथ से कभी भी नहीं छूटती और उनकी प्रेरणा से कलम अब हमारे हाथ से भी नहीं छूटती I इसकी अब आदत सी हो गई है I कलम के बिना सब ख़ाली ख़ाली सा लगता है कलम हमारी कुछ न कुछ नया लिखनें को निरंतर बैचेन रहती है I
........
"विद्रोही" जी की कविता की यह लाइनें मुझे बहुत पसंद हैं

मैं हँसता गया रोता भी गया वह कहते गए यह कविता है
आँखों से निकला हर आंसू वह कहते रहे यह सरिता है
.........
"विद्रोही"जी में लालच लेशमात्र भी नहीं है I मैनें उन्हें दूसरों के लिए तवाह होते और लुटते हुए देखा है I फिर भी उनके चहरे पे कोई शिकन नहीं I नियति के लेख का सम्मान करना उन्हें भली भांति आता है I

मेरी "दीप बोल" की दो पंक्तियाँ उनकी सोच से मेल खाती हैं I

"जो मेरी किस्मत में था मुझे मिल गया"
जो आपकी किस्मत में होगा आपको मिल जाएगा I......

उनके अन्दर जोश-ओ-जनूं की कोई कमीं नहीं है I शारीरिक अस्वस्था के बाबजूद भी वह हार माननें वालों में नहीं है I
हमारा भी उनसे यह वादा है I
हम आपके सपनों को सच करके दिखाएँगे
मशाल जो आपनें जलायी है घर घर पहुँचाएँगे
आप "विद्रोही" सही,हम "कुल्लुवी" हैं कुछ तो करेंगे ज़रूर
सीखा बहुत कुछ आपसे हम ऐसे तो न जाएँगे.........

फोटो-1 'आथर्स गिल्ड ऑफ़ हिमाचल प्रदेश' के श्री रमेश चन्द्र मस्ताना जी और दीपक कुल्लुवी I
फोटो-2 विद्रोही जी की पुस्तक हिमाचल का मिर्ज़ा ग़ालिब"चाँद कुल्लुवी"का बिमोचन समारोह कुल्लू में I

शेष अगले अंक-3 में

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