'हिमधारा' हिमाचल प्रदेश के शौकिया और अव्‍यवसायिक ब्‍लोगर्स का मंच

आँच देगें ये सर्द रातों में -----------

5.1.111पाठकों के सुझाव और विचार

दोस्तों ,इन दिनों मेरे शहर  में बहुत  सर्दी  है  , जाते जाते  ये सर्दी अपना रंग इस तरह दिखायेगी ये सोचा नहीं था ऐसा लग रहा हैकि,जैसे हम किसी " अपने "को विदा करने गए हों और वो हमसे विदा लेने से पहले  आखरी बार बड़ी ही आत्मीयता   के साथ हमसे  गले मिलने लगे ठीक इसी तरह ये सर्दी भी जाते जाते गले पड़ गयी है और कुछ ज्यादा  ही आत्मीय हो चली है की हमें  अलमारियों ,संदूकों में से स्वेटर  शाल  दुशाले  खंगालने  पड़  रहेहैं  खैर
दोस्तों ये तो बात शुरू करने का महज बहाना  था मनवा  में तो हमेशा  रिश्तों की बात होती है तो आज बात रिश्तों की उष्मा और गर्माहट की --दोस्तों  में अक्सर सोचती हूँ की हमारे रिशते भी तो स्वेटर ,शाल और  लिहाफों  की तरह हैं जो हमें  जिन्दगी की सर्द रातों में अनुभूति के स्पर्श  से उष्मा , आंच  देते रहते हैं इन स्वेटर रूपी रिश्तों में गर्माहट होती है आंच होती है जो हमें बर्फ  होने से जड़ होने से बचाती है जिन्दगी की सर्द और दर्द  भरी रातों में  जब हम तन्हा होते हैं तो हम दिलकी अलमारियों में से ,मन के संदूकों में से और यादों के गलियारों में से रिश्ते  खोजने लगते हैं ,तलाशने लगते है  ढूंडने  लगते हैं -की कहीं कोई रिश्ता  मिल जाये जो हमें  फिर से जीवित कर दे
दोस्तों ये रिशते भी क्या चीज है जब  जिन्दगी  दर्द की धूप से झुलसने लगती          है तो ये ठंडी  फुहार  बन जाते है और जब जिन्दगी सर्द हो जाती है  जब  बर्फ हो जाती है तो ये अपने कोमल स्पर्श से उसे पिघला  देते हैं दोनों ही सूरतों में ये हमें जीवित रखते हैं
तो चलिए मेरे साथ  ,इस सर्दी में   किसी भावना शून्य  हिमालय  की बर्फ पिघलायी  जाए ,किसी कोने में से कोई रिश्ता  उठाया जाये और उसकी आंच से कड़वाहट की  द्वेष  की बर्फ को हटाया  जाये  मेरी मानिये यक़ीनन ये रिशते सर्द रातों में आपको आंच देगे किसी ने क्या  खूब कहा  है "" आँच देगें ये सर्द रातों में दुशालों की तरह , मत तोडिये रिश्तों को कांच के प्यालों की तरह " तो दोस्तों स्नेह ,ममत्व ,सुरक्षा आत्मीयता , समीपता ,प्रेम के रिश्तों की आंच  के आगे  ये सर्दी क्या कर लेगी ? है ना   
Share this article :

+ पाठकों के सुझाव और विचार + 1 पाठकों के सुझाव और विचार

एक टिप्पणी भेजें

हिमधारा हिमाचल प्रदेश के शौकिया और अव्‍यवसायिक ब्‍लोगर्स की अभिव्‍याक्ति का मंच है।
हिमधारा के पाठक और टिप्पणीकार के रुप में आपका स्वागत है! आपके सुझावों से हमें प्रोत्साहन मिलता है कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का प्रयॊग न करें।
हिमधारा में प्रकाशित होने वाली खबरों से हिमधारा का सहमत होना अनिवार्य नहीं है, न ही किसी खबर की जिम्मेदारी लेने के लिए बाध्य हैं।

Materials posted in Himdhara are not moderated, HIMDHARA is not responsible for the views, opinions and content posted by the conrtibutors and readers.