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बीएसएनएल बिलिंग सिस्टम

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बीएसएनएल के नए बिलिंग सिस्टम ने लैंडलाइन उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है।
शहर के करीब छह हजार उपभोक्ताओं को टेलीफोन के बिल नहीं मिल पाए हैं। शिमला टेलीकॉम सर्किल के अन्य स्थानों में यह आंकड़ा १६ हजार के करीब है। यह बिल जून और जुलाई माह के हैं। अब सितंबर शुरू हो चुका है। ऐसे में करीब २२ हजार उपभोक्ताओं को चार माह के बिल की एकमुश्त अदायगी के आसार बनने लगे हैं। निगम के अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों को तुरंत बिल जारी करने के निर्देश दिए हैं।
भारत संचार निगम लिमिटेड की बिलिंग प्रणाली को अपग्रेड करने के लिए सीडीआर प्रणाली शुरू की है। बिलिंग के कार्य को आउट सोर्स किया गया। गुड़गांव और चंडीगढ़ से बिलिंग होने लगी है। निगम के अधिकारियों ने दावे भी खूब किए। कहा गया कि यह प्रक्रिया लैंडलाइन बिलिंग को उपभोक्ताओं के लिए सरल बना देगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके साथ ही दावे थे कि काल डिटेल भी बिल में आएगी। बिल अदायगी के कारण कटा कनेक्शन बिल की अदायगी के तुरंत बाद बहाल कर दिया जाएगा। आनलाइन बिलिंग भी हर कोई कर सकेगा। लेकिन बिलिंग उपभोक्ताओं के लिए सुगम तो नहीं हुई उल्टा उपभोक्ताओं को परेशान कर देने वाली जरूर साबित हो रही है। शुरू में तो बिलों में गल्तियों की शिकायतों के अंबार लग गए। अब उपभोक्ताओं को बिल मिलना ही बंद हो गए हैं। दो माह के बिल पहले से ही पेंडिंग हैं। सितंबर माह बीतने के बाद यह चार माह के बिलों की अदायगी देय हो जाएगी। ऐसे में एकमुश्त अदायगी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी कर देगी। भारत संचार निगम लिमिटेड के लेखा अधिकारी ज्ञान चंद ने कहा कि इस संबंध में कोशिशें जारी हैं। जल्द बिल जारी करवाए जाने की कोशिश चल रही हैं। कुछ अधिकारी मामले को लेकर गुड़गांव और चंडीगढ़ रवाना हुए हैं

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