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२०१२ में महा प्रलय

24.12.091पाठकों के सुझाव और विचार

इन दिनों २०१२ में महा प्रलय होने की चर्चा जोरो पर है ! इस आशंका को भारत के ज्योतिष्यों ने सीरे से ख़ारिज कर दिया है ! सम्पूर्णा नन्द संस्कृत विश्व विद्यालय में २६ दिसम्बर से शुरु हो रहे भारतीय ज्योतिष सम्मेलन में प्रस्तुत होने वाले शोध पत्रों में मोटे तोर पर यही तथ्य सामने आये हैं ! विद्वानों के अनुसार मिस्र के मायन केलेंडर में महा प्रलय के उलेख से ये भ्रम पैदा हुआ है ! पुराण और भारतीय ज्योतिष सिधान्तों के आधार पर विद्वानों का कहना है की प्रलय की तीन अवधारणा ( खंड प्रलय ,प्रलय ,महाप्रलय ) है ! इन में से पहला युगांत में होता है ! फिलहाल चल रहे कलयुग की अवधि करीब ४.३२ लाख वर्ष की है ! इन में से अभी तक ५१११ वर्ष ही पुरे हुए हैं ! ये युग अभी अपने प्राथमिक चरण में है ! इसमें वर्ष २०१२ की फरवरी - मार्च के दोरान शनि के तुला राशी में आने का योग है ! इसके चलते राजनितिक उथल -पुथल , राज सता में परस्पर संघर्ष और अप्रत्याशित बदलाव की स्थिति बनी रहेगी ! भोगोलिक लिहाज से विश्लेषण किये जाने पर इस दोरान विश्व के एशिया महाद्वीप के पश्चमीऔर इससे सटे उतर और पूरब वाले क्षेत्र में भीषण अग्नि अस्त्रों के प्रयोग के साथ धन जन की हानि के संकेत हैं !
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